

- बाढ़ रोधी: चांग घर बाढ़ के समय में सुरक्षित रहते हैं क्योंकि ये पानी के प्रवाह में बाधा नहीं डालते।
- पारंपरिक वास्तुकला: चांग घर मिसिंग जनजाति की पारंपरिक वास्तुकला का हिस्सा हैं।
- आसानी से निर्माण: चांग घरों का निर्माण आसान है क्योंकि इनमें उपयोग होने वाले बांस स्थानीय रूप से उपलब्ध होते हैं।
मिसिंग जनजाति के पारंपरिक रीति-रिवाज और संस्कृति बहुत समृद्ध हैं। ये लोग अपनी विशिष्ट जीवनशैली और परंपराओं के लिए जाने जाते हैं। मिसिंग समुदाय के लोग बाढ़ और भूमि कटाव जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए पारंपरिक तरीकों का उपयोग करते हैं। - कासो पिठिया*: मिसिंग जनजाति के लोग जलभराव की समस्या को हल करने के लिए कासो पिठिया नामक पारंपरिक मानव निर्मित टीलों का उपयोग करते हैं।
- मिसिंग जनजाति के लोग बाढ़ के समय में सुरक्षित रहने के लिए चांग घरों और नावों का उपयोग करते हैं।
मिसिंग जनजाति की संस्कृति और परंपराएं असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं ¹.
Author Profile

Latest entries
UncategorizedJune 17, 2026पचपेड़ी थाना प्रभारी को छत्तीसगढ़ पत्रकार संघ मस्तूरी के पत्रकार साथियो ने बधाई दी
UncategorizedJune 17, 2026पचपेड़ी थाना प्रभारी से छत्तीसगढ़ पत्रकार संघ मस्तूरी के पत्रकार साथियो ने मुलाक़ात कर बधाई दी
UncategorizedJune 10, 2026संगठन छोड़ चुके साथियों की वापसी मुश्किल
UncategorizedJune 10, 2026संगठन छोड़ चुके साथियों की वापसी मुश्किल
