
मस्तूरी।सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मस्तूरी में उपचारित मरीजों को कमीशन के नाम से निजी चिकित्सालय से डायरेक्ट संपर्क कर एम्बुलेंस बुलाकर जबरजस्ती बगैर डॉक्टर सलाह के रेफर करने वाले नर्स करिश्मा दयाल, प्रभा चौहान, अनिता साहू को विकासखंड चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार ने नोटिस जारी किया है।मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ इन नर्सो के द्वारा पूर्व में भी इस प्रकार के कृत्य पाया जा चुका है। इस प्रकार का कृत्य को पुनरावृत्ती किया जा रहा है। जिन पर उच्च अधिकारियों के निर्देषों का अवहेलना किया जा रहा है। साथ ही प्रसव के लिये आये मरीजों से प्रसव उपरान्त जबरजस्ती राशि लिया जा रहा है। जो कार्य के प्रति विपरित तथा घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है,यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 नियम 3 का उल्लंघन किया जा रहा है। उक्त कृत्य इन नर्सो कार्य के विपरित है, जिसे संज्ञान में लेते हुए एक माह का संचयी प्रभाव से वेतन काटने या एक वेतन वृद्धि पर रोक लगाये जाने। के संबंध में नर्सो से स्पष्टीकरण का जवाब 3 दिवस के भीतर मांगा गया है, और जवाब संतोष जनक न होने व प्रस्तुत नही करने की स्थिति में की जाने वाली अनुषासनात्मक कार्यवाही के स्वयं जिम्मेदार तीनों नर्सो ठहराया है।
लापरवाह डॉक्टर को मिला अभयदान….
मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लापरवाह डॉक्टर की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई है,और स्वास्थ्य केंद्र के जवाबदार अधिकारी लिपा पोती में लगे हुए हैं,मामला मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे का है मस्तूरी के फोर लेन मोहतरा चौक के पास भनेशर निवासी विशंभर दिनकर उम्र 35 साल किसी काम के सिलसिले से मस्तूरी आया था और वापस अपने घर जा रहा था तभी फोरलेन में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वह घायल हो गया जिसे डायल 108 के माध्यम से दोपहर 1बजे मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आया गया, जहां पीड़ित व्यक्ति दर्द और जख्म से बिना इलाज व ऑक्सीजन के दो घंटे तक तड़पता रहा,ओपीडी में बैठे उसे देखने तक नहीं आया, जिसके कारण दोपहर 2:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई, जिसमें मृतक के परिजन सीधा-सीधा ओपीडी में बैठे डॉक्टर पर उसे मारने का आरोप लगाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा करने लगे थे, मौके पर मस्तूरी थाना प्रभारी के समझाइए देने व मस्तूरी तहसीलदार के द्वारा मुआवजा राशि 25 हजार देने के बाद परिजन शांत हुए थे। जिसका पोस्टमार्टम बुधवार को हुआ, जिसमें लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कोई भी ऑफिशियल कार्यवाही नहीं की गई है, जिसके कारण परिजनों में अभी भी रोष व्याप्त है।
मस्तूरी के खंड चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मरीज से अवैध वसूली और कमीशन के चक्कर में निजी हॉस्पिटलों में रेफर करने वाली तीन नर्सो के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया किया है, संतुष्ट जनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है, वही दुर्घटना से मृत्यु होने वाले व्यक्ति के संबंध में कहा कि दुर्घटना के कारण गंभीर चोट लगने की वजह से और ब्लड मस्तिष्क में चढ़ जाने के करण इलाज के दौरान मृत्यु होना बताया।
Author Profile

Latest entries
UncategorizedFebruary 27, 2026शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा की ऐतिहासिक सौगात – छत्तीसगढ़ कृषि अधिकारी संघ, बिलासपुर ने सरकार का जताया आभार”
UncategorizedFebruary 26, 2026गरियाबंद जिले में RAMP योजना अंतर्गत एक दिवसीय संवेदनशीलता कार्यक्रमों का सफल आयोजन
UncategorizedFebruary 24, 2026मजदूर एवं बच्चों को डोर टू डोर अभियान के तहतफाइलेरिया के दवाई खिलाई गई
UncategorizedFebruary 24, 2026मजदूर एवं बच्चों को डोर टू डोर अभियान के तहतफाइलेरिया के दवाई खिलाई गई
