

जिला – मुंगेली स्थान: झलियापुर, विकासखंड एवं जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के दावे करे, लेकिन छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के झलियापुर गांव का “आयुष्मान उप स्वास्थ्य केंद्र” इन दावों की पोल खोल रहा है।
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार यहां ओपीडी का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि डॉक्टर महीने में मुश्किल से 2 से 3 बार ही यहां नजर आते हैं।यहां पदस्थ डॉक्टर – राकेश टंडन (प्रभारी अधिकारी), अवध भास्कर और चंद्रमुखी साव – शायद ही समय पर अपनी ड्यूटी निभाते हों।यह केंद्र झलियापुर, जल्ली, डोडा, अचानकपुर, कोलिया और जलली – इन छह ग्राम पंचायतों की स्वास्थ्य उम्मीदों का एकमात्र सहारा है। लेकिन केंद्र प्रायः बंद ही रहता है। बीमार मरीजों को इलाज के लिए कई किलोमीटर भटकना पड़ता है।केंद्र की हालत बेहद दयनीय है। न सफाई है, न ही कोई देखरेख। CCTV कैमरे जो निगरानी के लिए लगाए गए थे, अब टूट चुके हैं और पूरी तरह निष्क्रिय हैं। साफ है – न सुरक्षा है, न जिम्मेदारी।गांववालों का कहना है कि यह स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ कागजों में ही संचालित हो रहा है। न दवा है, न डॉक्टर, न सुविधा। सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता के साथ यह एक सीधा धोखा है।गौर करने वाली बात ये भी है कि केंद्र में बिजली 24 घंटे उपलब्ध है, लेकिन इसका उपयोग किसी जनसेवा के लिए नहीं हो रहा। जो वीडियो में साफ देखा जा सकता है।गांववालों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई किया जाए 📽️ नोट:-
यह खबर वीडियो फुटेज के साथ
टूटा हुआ CCTV गंदगी और बदहाल हालात बंद पड़ा क्लीनिक 24 घंटे जलती बिजली
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