

शिक्षक की कमी से बेल्हा स्कूल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, ग्रामीणों में आक्रोश
पचपेड़ी क्षेत्र। पचपेड़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सुलौवनी के आश्रित ग्राम बेल्हा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में लंबे समय से शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में वर्तमान में महज एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई संचालित होने से विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक की कमी के चलते बच्चों में पढ़ाई के प्रति उदासीनता दिखाई देने लगी है, वहीं अभिभावकों और ग्रामीणों में भी शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक स्तर पर बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की आवश्यकता होती है, लेकिन बेल्हा के शासकीय प्राथमिक शाला में एक ही शिक्षक होने के कारण सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाना मुश्किल हो रहा है। एक शिक्षक को अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई, उनकी कॉपियां जांचने, गृहकार्य कराने और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को संभालना पड़ रहा है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई शिक्षक की मांग
ग्राम पंचायत सुलौवनी के आश्रित ग्राम बेल्हा की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जनपद सदस्य राजकुमारी महेश्वर कुर्रे ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में केवल एक शिक्षक होने से बच्चों को पढ़ाई में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की बुनियाद है, ऐसे में शिक्षकों की कमी को तत्काल दूर किया जाना जरूरी है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की वास्तविक स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
सरपंच और उप सरपंच और ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
वहीं ग्राम पंचायत के उप सरपंच राहुल कांत सहित ग्रामवासी भी शिक्षक की कमी को लेकर काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अभी तक शिक्षक की कमी को दूर करने की दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक शिक्षक के भरोसे विद्यालय संचालित होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसका खामियाजा गांव के बच्चों को भुगतना पड़ेगा।
मांग पूरी नहीं हुई तो स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि बेल्हा के शासकीय प्राथमिक शाला में तत्काल अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति या पदस्थापना की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से शिक्षक की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शिक्षक की कमी दूर नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। स्थिति का समाधान नहीं होने पर विद्यालय में तालाबंदी किए जाने की संभावना भी जताई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई बाधित करना नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन का ध्यान गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना है, ताकि बच्चों को पर्याप्त शिक्षक और बेहतर शिक्षा मिल सके।
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